राज्यसभा चुनाव से पहले छिंदवाड़ा-पांढुरना में राजनीतिक हलचल: रिसॉर्ट पॉलिटिक्स के नए संकेत
मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनावों ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। विशेष रूप से छिंदवाड़ा और पांढुरना जिले के कांग्रेस विधायकों की एक रिसॉर्ट से सामने आई तस्वीर ने कई कयासों को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल होती इस फोटो में जुन्नारदेव, परासिया, सौसर, पांढुरना और चौरई के विधायकों की मौजूदगी ऐसे समय में दिखी है, जब एक सीट के लिए कांग्रेस के भीतर खींचतान चरम पर है। यह तस्वीर महज एक शिष्टाचार भेंट न होकर एक मजबूत ‘पॉलिटिकल मैसेज’ मानी जा रही है, जो राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर पार्टी आलाकमान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में कमलनाथ और उनके पुत्र नकुलनाथ की राजनीतिक साख जुड़ी हुई है। पिछले दिनों वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरों के बाद जहाँ कमलनाथ को राज्यसभा भेजने की चर्चा थी, वहीं अब अंदरूनी सूत्रों के अनुसार वे नकुलनाथ के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। इस बीच, मीनाक्षी नटराजन का नाम सामने आने के बाद अचानक कांग्रेस विधायकों का भाजपा नेता चौधरी चंद्रभान सिंह के जन्मदिन पर एकजुट होकर जाना और फिर रिसॉर्ट में बैठक करना, पार्टी के भीतर चल रही खेमेबाजी को उजागर करता है। विधायकों का यह रुख साफ संकेत दे रहा है कि वे राज्यसभा प्रत्याशी के चयन में अपनी अनदेखी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
वर्तमान में कांग्रेस की ओर से कमलेश्वर पटेल, नकुलनाथ, मीनाक्षी नटराजन और प्रवीण पाठक जैसे नामों पर मंथन चल रहा है। भाजपा के पास दो सीटों पर स्पष्ट बहुमत है, लेकिन तीसरी सीट के लिए चल रही इस उठापटक ने कांग्रेस की राह मुश्किल कर दी है। विधायकों की यह ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ यह भी दर्शाती है कि यदि आलाकमान ने स्थानीय समीकरणों और गुटबाजी को नजरअंदाज किया, तो आने वाले समय में पार्टी को क्रॉस-वोटिंग या बड़ी टूट का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस गुटबाजी को शांत कर किसका गणित फिट बैठाता है।
