कल से सरकार पहुंचेगी आपके द्वार, ऐसे होगा लोगों की समस्याओं का समाधान

भोपाल
जिला सरकार की अवधारणा को मजबूती प्रदान करने राज्य सरकार 1 अगस्त से 'आपकी सरकार आपके व्दार' अभियान शुरू करने जा रही है। इसके लिए अधिकारी गांवों के आकस्मिक भ्रमण करेंगे फिर ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाकर उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे।  समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है| आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत हर माह में दो भ्रमण कार्यक्रम और शिविर आयोजित किए जायेंगे। शिविर के लिये विकासखण्ड मुख्यालय या विकासखण्ड के ऐसे गाँव का चयन किया जायेगा, जहाँ साप्ताहिक बाजार या हाट भरता हो।

इसकी तैयारियां स्थानीय प्रशासन द्वारा जोर शोर से की जा रही है| राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, कमिश्नरों, कलेक्टरों को इस बारे में विस्तृत निर्देश भेजे हैं। निर्देशों में कहा गया है कि समय और धन के अप-व्यय को रोकने के लिये गाँव के आकस्मिक भ्रमण और एक समय-सारणी के अनुसार विकासखण्ड मुख्यालयों पर शिविर लगाये जायें। विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का निरीक्षण कर प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की जाये। इन प्रयासों से शासन-प्रशासन को ग्रामीण नागरिकों के अधिक नजदीक ले जाने में आसानी होगी। सभी अधिकारी चयनित गांव एवं ब्लाक में एक साथ बस में जाएंगे। गांव का नाम गोपनीय रखा जाएगा। गांव में योजनाओं का अवलोकन होगा। साथ ही स्कूल, आंगनबाड़ी, हॉस्टल, राशन दुकान, अस्पताल, पंचायत ऑफिस का निरीक्षण भी किया जाएगा। यह भ्रमण सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगा। 2 बजे से ब्लॉक स्तरीय शिविर लगेगा। इसमें कलेक्टर व सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे।

ले के मंत्रियों और विधायकों से सम्पर्क कर शिविरों की रूपरेखा तिथिवार तय की जायेगी। कलेक्टर शिविर की सभी व्यवस्थाएँ करेंगे। प्रत्येक मंत्री और विधायक एक माह में कम से कम दो विकासखण्ड शिविरों में मौजूद रहेंगे। आमजन से अधिक संबंध वाले, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन, ऊर्जा, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, किसान-कल्याण और कृषि विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्कूल शिक्षा, जल-संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सहकारिता और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभागों के जिला स्तर के अधिकारी शिविरों में आवश्यक रूप से हिस्सा लेंगे।

शिविर में आने वाले आवेदक समस्याओं का तत्काल निराकरण प्राप्त करेंगे। जिन आवेदनों का तुरंत निराकरण संभव नहीं होगा, उसके संबंध में आवेदक को सूचित किया जायेगा। एक समय-सीमा में निराकरण का कार्य किया जायेगा। शिविरों को दिखावे से दूर रखकर व्यवस्थित ढंग से लगाने और आमतौर पर उसी दिन समस्या हल करने को प्राथमिकता दी जायेगी। शिविर में आवेदकों के लिये सुविधाजनक प्रतीक्षालय का इंतजाम भी किया जायेगा। कलेक्टर द्वारा शिविर के संबंध में मुनादी एवं अन्य उपायों से भी ग्रामीणों तक सूचना पहुँचाने का कार्य किया जायेगा। संभागीय कमिश्नर भी शिविरों में सुविधानुसार मौजूद रहेंगे। शिविर पूर्ण हो जाने पर राज्य सरकार को विस्तृत प्रतिवेदन भेजा जायेगा।

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