छिंदवाड़ा त्रासदी: CM ने 3 अधिकारी किए निलंबित; ड्रग कंट्रोलर सहित 4 पर गिरी गाज मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा प्रकरण में बच्चों की मौतों को अत्यंत गंभीर मानते हुए सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार सजग और संवेदनशील है, तथा मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर उच्च स्तरीय बैठक के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए निम्न अधिकारियों को दंडित किया

कोल्ड्रिफ सिरप’ पर सघन अभियान के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोल्ड्रिफ सिरप के संबंध में कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं:
प्रतिबंध और जप्ती: कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए और दुकानों में विद्यमान स्टॉक जप्त किया जाए।
घर-घर रिकवरी: छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में जिन परिवारों ने यह दवा ली है, उनके घरों से दवा रिकवर करने के लिए सघन अभियान चलाया जाए। इस कार्य में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं और सभी शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए।
निर्माता कंपनी पर कार्रवाई: कोल्ड्रिफ सिरप की निर्माता कंपनी पर कार्यवाही के लिए तमिलनाडु राज्य सरकार को घटनाक्रम से अवगत कराया जाए।
व्यापक जांच और जागरूकता पर जोर
मुख्यमंत्री ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक कदम उठाने के निर्देश भी दिए:
अन्य दवाओं का आकलन: पिछले दिनों क्षेत्र में बिकने वाली अन्य दवाओं की प्रभावशीलता का भी आकलन कराया जाए।
लेबलिंग जांच: दवाओं पर लिखी जाने वाली चेतावनी और सावधानियों की जांच के लिए अभियान आरंभ किया जाए। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
डॉक्टरों पर कार्रवाई: चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कॉम्बिनेशन ड्रग नहीं देने की व्यवस्था का पालन नहीं करने वाले डॉक्टरों पर भी कार्यवाही की जाए।
सामुदायिक सहयोग: इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैडिटिक्स सहित चिकित्सकों के संगठनों और केमिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आवश्यक सावधानियां अपनाने और जागरूकता फैलाने के लिए कदम उठाए जाएं।
जांच और अंतर-राज्यीय समन्वय
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गंभीर प्रकरणों की जानकारी मिलते ही राज्य स्तर से चिकित्सकों का दल छिंदवाड़ा भेजा गया था। जांच में नेशनल सेंटर फॉर डिसिस कंट्रोल और सेंट्रल ड्रग्स स्टेण्डर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन का सहयोग लिया गया।
सैंपल जांच: आठ मरीजों की जाँच के लिए उनके नमूने पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए।
मरीज चिन्हित: छिंदवाड़ा जिले में प्रभावित मरीजों को चिन्हित करने के लिए सर्वे आरंभ किया गया, और आवश्यकता होने पर मरीजों को आगे के इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय नागपुर रैफर किया गया।
तमिलनाडु में एक्शन: ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया और तमिलनाडु ड्रग कंट्रोलर को सूचना दी गई। तमिलनाडु में सिरप की जांच रिपोर्ट में नमूने अमान्य पाए जाने पर, वहां की सरकार ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया। साथ ही, दवा लिखने और बिक्री कराने वाले डॉक्टर के निलंबन और दवा निर्माता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की गई।
बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ला, राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।: