बजट 2026-27: आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की मजबूत नींव, विधायक कमलेश शाह ने गिनाईं बजट की खूबियां।
छिंदवाड़ा/पांढुरना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने वाला है। इस बजट में आम जनता पर बिना कोई नया कर लगाए हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखा गया है। यह बात अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह ने भाजपा जिला कार्यालय छिंदवाड़ा में आयोजित एक विशेष पत्रकार वार्ता के दौरान कही। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप मोहोड़ भी उपस्थित रहे।
4.38 लाख करोड़ का विशाल बजट
विधायक शाह ने बताया कि इस वर्ष का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 4% अधिक है। यह बजट मुख्य रूप से ‘ज्ञान 2.0’ (GYAN) के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका अर्थ है— G (गरीब कल्याण), Y (युवा शक्ति), A (अन्नदाता/किसान) और N (नारी शक्ति)। सरकार ने इन चारों स्तंभों को मजबूत करने के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए हैं।
किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी घोषणाएं
बजट में अन्नदाताओं के लिए ‘प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना’ के तहत 3,000 करोड़ रुपये से 1 लाख सोलर सिंचाई पंप देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, किसानों को निशुल्क बिजली उपलब्ध कराने हेतु 5,276 करोड़ और दलहन मिशन के लिए 335 करोड़ का प्रावधान है। पशुपालन गतिविधियों के विकास के लिए भी 2,364 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
लाड़ली बहनों और बच्चों के पोषण पर जोर
विधायक ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के लिए 23,883 करोड़ और लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,801 करोड़ का प्रावधान नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। स्कूली बच्चों के लिए ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8 तक के 80 लाख विद्यार्थियों को टेट्रा पैक में दूध दिया जाएगा, जिससे कुपोषण के खिलाफ जंग मजबूत होगी।
रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मनरेगा के तहत अब मजदूरों को 100 के स्थान पर 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सड़कों के जाल और कनेक्टिविटी सुधार के लिए 12,690 करोड़ तथा सिंचाई परियोजनाओं के लिए 14,742 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, प्रदूषण कम करने हेतु ‘पीएम ई-बस सेवा’ के तहत 972 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की भी स्वीकृति दी गई है।
