लापरवाही ने ली होनहार की जान: छिंदवाड़ा में नेशनल कराटे खिलाड़ी केशिका की कुएं में गिरने से मौत, कुछ दिन पहले ही CM मोहन यादव ने किया था सम्मानित
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले से सारंगबिहारी में एक बेहद मर्मस्पर्शी और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है。 जिस होनहार बेटी की कामयाबी पर अभी कुछ दिनों पहले ही पूरा जिला जश्न मना रहा था, प्रशासन और खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिसे सम्मानित कर चुके थे, वह देश की उभरती हुई प्रतिभा एक अदने से बिना मुंडेर के कुएं की भेंट चढ़ गई। खेत में मोटर चालू करने गई नेशनल कराटे खिलाड़ी केशिका का पैर फिसलने से गहरे कुएं में गिरकर दुखद निधन हो गया। इस हादसे ने जहां एक तरफ प्रशासनिक दावों और खेतों में खुले पड़े कुओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी तरफ पूरे खेल जगत और जिले को गहरे शोक में डुबो दिया है।
मुख्यमंत्री ने सराहा था हुनर, आज उसी बेटी का उठ गया जनाजा
मृतका की पहचान एक बेहद होनहार और उभरती हुई कराटे खिलाड़ी केशिका के रूप में हुई है। केशिका ने मार्शल आर्ट में नेशनल लेवल पर जिले का नाम रोशन किया था। उनकी इसी अद्भुत प्रतिभा और खेल के प्रति समर्पण को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया था। किसे पता था कि जिस बेटी के हाथों में देश का तिरंगा लहराने का हुनर था, वह नियति के एक क्रूर क्रैश में इतनी जल्दी हमसे छिन जाएगी।
अंधेरा और बिना मुंडेर का कुआं: लापरवाही ने ली एक और जान
मृतिका के मामा पवन विश्वकर्मा ने बताया कि घटना कल शाम करीब 6:45 से 7:00 बजे के बीच की है। केशिका अपने घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित खेत में पानी की मोटर चालू करने गई थीं। शाम का ढलता अंधेरा और खेत के कुएं पर सुरक्षा के लिए किसी भी तरह की मुंडेर (बाउंड्रीवॉल) न होना, इस होनहार खिलाड़ी के लिए काल बन गया। मोटर चालू करते समय अचानक पैर फिसला और वह सीधे गहरे कुएं में जा गिरीं। कुएं की गहराई और गिरते वक्त सिर पर लगी गंभीर चोट के कारण वह पानी के भीतर ही बेहोश हो गईं और संभलने का मौका तक नहीं मिला।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, रात को निकाला जा सका पार्थिव शरीर
जब केशिका काफी देर तक घर नहीं लौटीं, तो परिजनों ने खेत की ओर दौड़ लगाई। कुएं के मुहाने पर जब केशिका की चप्पलें पानी में तैरती दिखीं, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रात लगभग 10:00 बजे कुएं में उनके होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से पंप लगाकर कुएं का पानी खाली कराया गया। बेहद भारी मन और आंसुओं के बीच, रात करीब 12:30 बजे गल और खटिया के सहारे इस होनहार बेटी के पार्थिव शरीर को बाहर निकाला जा सका।
आज सुबह करीब 11:00 से 12:00 बजे के बीच छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
