नाहर गैस एजेंसी की मनमानी के खिलाफ फूटा आक्रोश, कलेक्टर से की गई शिकायत

छिंदवाड़ा। स्थानीय नाहर गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली और उपभोक्ताओं के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार को लेकर अब शिकायतें जिला प्रशासन तक पहुँचने लगी हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और पर्याप्त भंडारण के दावों के बीच, स्थानीय स्तर पर गैस सिलेंडर की बुकिंग और रिफिलिंग को लेकर उपभोक्ता लगातार परेशान हो रहे हैं।

घंटों इंतजार और नियमों का बहाना

ताज़ा मामले में छोटी बाजार निवासी उपभोक्ता ठाकुर गोविंद सिंह राजपूत ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर एजेंसी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की है। शिकायतकर्ता (उपभोक्ता क्र. 626696) के अनुसार, एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं दी जा रही है। जब वे स्वयं या उनके परिजन बुकिंग के लिए ऑफिस पहुँचते हैं, तो वहाँ घंटों इंतजार कराया जाता है और गाइडलाइन के विरुद्ध नियमों का हवाला देकर उपभोक्ताओं को प्रताड़ित किया जाता है।

एजेंसी के विभाजन की उठी मांग

शिकायत में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि नाहर गैस एजेंसी के पास कनेक्शनों की संख्या क्षमता से कहीं अधिक है, जिसके कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उपभोक्ता ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि:

नाहर गैस एजेंसी को 3 से 4 हिस्सों में विभाजित किया जाए।

नई एजेंसियों के माध्यम से नए संचालकों को जिम्मेदारी सौंपी जाए।

आपदा या आपातकालीन स्थितियों में ईंधन की सुचारू आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए।

प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता

क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही जा रही है, फिर भी स्थानीय एजेंसी द्वारा सिलेंडर वितरण में आनाकानी करना समझ से परे है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कड़ा कदम उठाता है ताकि आम जनता को इस मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके। इस मामले में नाहर एजेंसी के संचालक से हमने बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।