ग्रामीण में होम डिलेवरी बंद, एक साल में 12 के बाद नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर: लोग पहुंच रहे है गैस गोडाउन
छिंदवाड़ा। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव की खबरों ने स्थानीय स्तर पर एलपीजी गैस की आपूर्ति को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। छिंदवाड़ा में गैस सिलेंडर के लिए एक बार फिर उपभोक्ताओं को मशक्कत करनी पड़ रही है। लोग अपनी बाइकों और कारों में खाली सिलेंडर लादकर सीधे गैस एजेंसियों के गोदामों तक पहुँच रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को हो रही है, क्योंकि शहर से सटे कई इलाकों में एजेंसियों ने होम डिलीवरी पूरी तरह बंद कर दी है। जमुनिया जैसे क्षेत्रों के ग्रामीण 10 किलोमीटर का सफर तय कर खुद सिलेंडर लेने शहर आ रहे हैं।
गैस आपूर्ति के बदले हुए नियमों ने भी आम जनता की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। कई उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटाया जा रहा है कि वे साल भर का 12 सिलेंडरों का कोटा पूरा कर चुके हैं, जिसके बाद उन्हें नया सिलेंडर देने से मना किया जा रहा है। इसके अलावा तकनीकी दिक्कतों का अंबार लगा हुआ है; उपभोक्ता बुकिंग तो कर रहे हैं लेकिन 25-25 दिनों तक उनके मोबाइल पर ओटीपी (OTP) नहीं आ रहा है। कई ग्राहकों की केवाईसी (KYC) अपडेट न होने की वजह से भी बुकिंग अटक गई है, जिससे एजेंसियों पर हंगामे की स्थिति बन रही है।
प्रशासन और गैस एजेंसी संचालक भले ही शहर में पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहे हों, लेकिन धरातल पर उपभोक्ताओं को 10-10 दिनों तक होम डिलीवरी का इंतजार करने को कहा जा रहा है। नाहर अलाइड के डायरेक्टर सुभाष नाहर का कहना है कि वितरण नियमानुसार किया जा रहा है, लेकिन अनुराग यादव और राजेंद्र चौहान जैसे कई उपभोक्ताओं के अनुभव बताते हैं कि बुकिंग के बावजूद समय पर गैस न मिलना और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई बंद होना एक बड़े संकट की ओर इशारा कर रहा है। उपभोक्ता अब मांग कर रहे हैं कि इन तकनीकी और सप्लाई संबंधी दिक्कतों को प्रशासन जल्द दूर करे। इस मामले में हमने खाद्य आपूर्ति अधिकारी गंगा कुमरे से बात करनी चाही लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। 
