पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी के आगमन से धर्ममय हुई ‘अयोध्या नगरी’, पंचकल्याणक महोत्सव का भव्य आगाज़

शहर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हुए जैन संत पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महामुनीराज का 27 संतों के संघ सहित भव्य मंगल प्रवेश हुआ। मुनिसंघ की आगवानी के लिए पूरा छिंदवाड़ा शहर सड़कों पर उमड़ पड़ा। इस दौरान भक्ति और श्रद्धा का ऐसा सैलाब दिखा कि परासिया मार्ग से लेकर जेल बगीचा (अयोध्या नगरी) तक का पूरा मार्ग ‘विशुद्ध’ जयकारों से गूँज उठा।

सांसद ने किया स्वागत, आचार्यों का हुआ ऐतिहासिक मिलन

मुनिसंघ के नगर आगमन पर सर्वप्रथम सांसद बंटी साहू ने परतला मार्ग पहुँचकर श्रीफल भेंट किया और शहर की खुशहाली का आशीर्वाद माँगा। जैसे-जैसे काफिला आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पादप्रक्षालन कर संतों की आरती उतारी। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण सर्किट हाउस के समीप देखा गया, जहाँ पहले से विराजमान आचार्य विश्रांत सागर महाराज ने पट्टाचार्य श्री की आगवानी की। दो महान आचार्यों के इस ‘मंगल मिलन’ को देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

गर्भकल्याणक: ‘अहिंसा और प्रेम ही आनंद का मार्ग’

पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन भगवान के गर्भकल्याणक की विधि संपन्न हुई। धर्मसभा को संबोधित करते हुए पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने मानवता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “संसार में यदि वास्तविक आनंद चाहिए, तो न किसी का वध करें और न ही किसी को बदनाम। सभी जीवों को अपना मानकर प्रेम करें।” उन्होंने दृष्टांत के माध्यम से भक्तों को अहंकार त्यागने की सीख भी दी।

अतिथि सत्कार और व्यवस्थाएँ

  1. अयोध्या नगरी में आयोजित इस महोत्सव में बाहर से आए हजारों श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं। आयोजन समिति के राजकुमार जैन, रजनीश जैन और पाटौदी परिवार (दर्शन एवं ममता पाटौदी) ने सभी आगंतुकों का अभिनंदन करते हुए भोजन व आवास की सुविधाओं का लाभ लेने का आग्रह किया है।

सकल दिगंबर महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र पाटौदी, संयोजक पवन अजमेरा सहित अशोक वाकलीवाल, पंकज पाटनी और चंदू जैन जैसे कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में जुटे हुए हैं।