MP में ‘जहरीला’ सिरप कांड जारी: मऊगंज में 5 माह के मासूम की मौत; ‘ज़हर’ की पुष्टि के लिए कब्र से निकाला गया शव
मऊगंज/छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में, मऊगंज जिले में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है जहाँ पाँच माह के एक मासूम बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों द्वारा सिरप पिलाए जाने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और अंततः उसने दम तोड़ दिया।
मां का बयान: बच्चे की मां ने बेहद दर्दभरा बयान देते हुए कहा कि उन्हें ‘पता नहीं था कि वह दवा नहीं, जहर था’।
शव को कब्र से निकाला गया: मौत की सही वजह जानने और सिरप में जहर (संभवतः डाईएथिलीन ग्लाइकॉल) की पुष्टि के लिए प्रशासन ने न्यायिक प्रक्रिया के तहत बच्चे के शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
व्यापक संदर्भ: यह घटना छिंदवाड़ा सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में हुई बच्चों की मौतों से जुड़ी है, जहाँ ‘कोल्ड्रिफ’ (Coldrif) जैसे कफ सिरप में घातक केमिकल डाईएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की अत्यधिक मात्रा पाई गई थी, जिसके कारण बच्चों की किडनी फेल हो गई थी।
पहले की कार्रवाई: पिछली घटनाओं के बाद सरकार ने तमिलनाडु स्थित निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के प्रोडक्ट्स पर बैन लगा दिया था और जांच के आदेश दिए थे।
स्थिति:
मऊगंज की इस नई घटना ने एक बार फिर राज्य में दवाओं की गुणवत्ता और वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चे की मौत के पीछे वही जहरीला सिरप था या कोई अन्य कारण। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और संबंधित मेडिकल स्टोर की जांच भी की जा रही है।
मासूम बच्ची की मौत का मामला:
आज सुबह की टीम के साथ पुलिस ने मेडिकल संचालक दो भाइयों को पूछताछ के लिए उठाया
पिछले दिनों बिछुआ में 6 माह की बच्ची की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था जिसके चलते परिजनों ने कुरेठे मेडिकल संचालक पर आरोप लगाते हुए बताया था कि उनके द्वारा दी गई दवा पिलाने से बच्चे की मौत हुई है मामले में आयुष विभाग ने सैंपल जप्त किए थे आज देर रात पुलिस ने आयुष विभाग की टीम के साथ मेडिकल संचालक नरेश कुरोठे, सुरेश कुरेठे को पूछताछ के लिए उठाया है जिससे हड़कंप मचा हुआ है.
