24 बच्चों की मौत पर बड़ा खुलासा: श्रीसन फार्मा की छोटी, बदइंतजाम फैक्ट्री में नहीं हुई कोल्ड्रिफ सिरप की टेस्टिंग; 4 राज्यों में हुई सप्लाई
जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 मासूमों की मौत के मामले में श्रीसन फार्मा कंपनी की घोर लापरवाही सामने आई है। जांच में पता चला है कि यह कंपनी तमिलनाडु के कांचीपुरम में मात्र 3,000 वर्ग फुट की एक छोटी और बदइंतजाम जगह से चल रही थी, लेकिन फिर भी उसने नियमों को ताक पर रखकर काम किया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चों के लिए घातक साबित हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप की कभी भी लैब में टेस्टिंग नहीं हुई थी,
जिसके कारण यह ज़हरीली दवा सीधे बाजार में पहुँच गई। सिरप में डाई इथीलीन ग्लायकॉल (DEG) नामक ज़हर 0.1% की जगह 48% मिला, जिसने बच्चों की जान ले ली। इस अमानक सिरप की सप्लाई चार राज्यों – मध्यप्रदेश, पांडिचेरी, तमिलनाडु और उड़ीसा – में की गई थी। कंपनी की केमिकल एनालिस्ट के. माहेश्वरी को जेल भेजा जा चुका है, और एसआईटी मालिक रंगनाथन से पूछताछ कर रही है, साथ ही इस बात की भी जांच कर रही है कि ड्रग डिपार्टमेंट ने इतने समय तक इस फैक्ट्री की नियमित जाँच क्यों नहीं की।
