सरकारी अस्पताल की घोर लापरवाही: डिलीवरी के बाद शरीर में छोड़ा कपड़ा, मौत से लड़ रही माँ

छिंदवाड़ा/परासिया (मध्यप्रदेश): जिले के चांदामेटा सिविल अस्पताल में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को कलंकित करने वाला एक भयावह मामला सामने आया है। यहाँ डिलीवरी के दौरान डॉक्टर और नर्स की घोर लापरवाही के चलते देविका साहू (26) नामक प्रसूता के शरीर के अंदर कपड़ा छूट गया।

कपड़ा छूटने से महिला के शरीर में गंभीर संक्रमण (सेप्टिक) फैल गया, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई है। महिला इस वक्त छिंदवाड़ा के एक निजी अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रही है।

प्राइवेट डॉक्टर ने निकाला कपड़ा, तब बची जान

पीड़ित महिला के पति, कैलाश साहू (निवासी इटावा), ने बताया कि सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के लिए ₹4000 लिए गए थे। छुट्टी के बाद पत्नी की तबीयत बिगड़ी, सूजन आई और खून में बदबू आने लगी। जब छिंदवाड़ा में प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया गया, तब उन्होंने माइनर ऑपरेशन से कपड़ा निकाला।

पीड़ित की बहन ने भी पुष्टि की कि डिलीवरी के लिए कपड़ा उनसे ही मंगवाया गया था, और वही कपड़ा अंदर रह गया।

निजी चिकित्सक डॉ. कंचन दुबे ने बताया कि महिला की हालत गंभीर थी और संक्रमण तेज़ी से फैला था। जांच के दौरान प्राइवेट पार्ट से कपड़ा निकाला गया है। समय पर इलाज मिलने से फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों की स्थिति स्थिर है।

नर्स-डॉक्टर पर FIR और कार्रवाई की मांग

पीड़ित परिवार ने इस अक्षम्य लापरवाही के लिए जिम्मेदार नर्स और डॉक्टर पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग की है।

परिवार ने 23 नवंबर 2025 को CM हेल्पलाइन (181) पर शिकायत (क्रमांक: 35496724) भी दर्ज करा दी है।

मेडिकल ऑफिसर चांदामेटा रेणुका सिंह ने बताया कि चूँकि यह दूसरी डिलीवरी थी, इसलिए नर्स ने डिलीवरी करवाई थी। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद दो नर्सों (संतोषी खरे और नीलम) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।