शिक्षा के क्षेत्र में छिंदवाड़ा का गौरव: पोदार इंटरनेशनल स्कूल को मिला ‘नंबर-1’ का खिताब

धर्मा प्रोडक्शन में कोडिंग के लिए छात्र कुश सिंह का चयन; 100 वर्षों की गौरवशाली विरासत और आधुनिक शिक्षा का अनूठा संगम

छिंदवाड़ा। नागपुर रोड स्थित पोदार इंटरनेशनल स्कूल ने शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में देश भर में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। प्रतिष्ठित संस्थान ‘एजुकेशन वर्ल्ड’ द्वारा जारी रैंकिंग में स्कूल को समग्र विकास (Holistic Development) के लिए प्रथम स्थान प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि छिंदवाड़ा के शिक्षा जगत के लिए एक मील का पत्थर मानी जा रही है।

तकनीकी कौशल में लहराया परचम

स्कूल की प्राचार्य स्वाति चौहान ने प्रेस वार्ता में बताया कि स्कूल की शैक्षणिक उत्कृष्टता केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। स्कूल के प्रतिभावान छात्र कुश सिंह ठाकुर का चयन प्रसिद्ध फिल्म निर्माण संस्था ‘धर्मा प्रोडक्शन’ में कोडिंग प्रेजेंटेशन के लिए हुआ है। यह उपलब्धि साबित करती है कि स्कूल अपने विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए वैश्विक स्तर पर तैयार कर रहा है।

ऐतिहासिक विरासत और सेवा भाव

पोदार संस्थान का इतिहास गौरवशाली रहा है। 1927 में स्थापित इस ट्रस्ट के पहले अध्यक्ष स्वयं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी थे। वर्ष 2027 में यह संस्थान अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। स्कूल की एक और बड़ी विशेषता इसकी संवेदनशीलता है; जिला शिक्षा कार्यालय ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के प्रति स्कूल के सहायक और समावेशी वातावरण की विशेष सराहना की है।

सफलता का मंत्र

प्राचार्य ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय समर्पित शिक्षकों, अनुशासित विद्यार्थियों और सहयोगी अभिभावकों को दिया है। वर्तमान में पोदार ग्रुप के देशभर में 150 से अधिक स्कूल हैं, जहाँ 2.5 लाख से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्राचार्य ने दोहराया कि उनका लक्ष्य गांधीवादी मूल्यों और आधुनिक तकनीक को जोड़कर राष्ट्र के लिए जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।