मिलावटी दवाओं के खिलाफ छिंदवाड़ा में सख्ती: ड्रग्स एक्ट के तहत ‘न्यू अपना फार्मा’ का लाइसेंस कैंसिल
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration – FDA) द्वारा छिंदवाड़ा जिले में औषधियों की गुणवत्ता जांच को लेकर एक सघन और कठोर अभियान चलाया जा रहा है। नियंत्रक महोदय, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, भोपाल के निर्देश पर गठित औषधि निरीक्षकों का विशेष जांच दल जिले भर में लगातार कार्रवाई कर रहा है।
जांच के दौरान अनियमितताएँ पाए जाने पर मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस निलंबित (सस्पेंड) अथवा सीधे निरस्त किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, न्यू अपना फार्मा, छिंदवाड़ा के संचालक राजेश कुमार सोनी की फर्म के औषधि लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
5 अक्टूबर को ही हुई थी दुकान सील
विदित हो कि न्यू अपना फार्मा में जांच के दौरान औषधि एवं प्रशासन सामग्री अधिनियम के तहत गंभीर अनियमिततायें पाई गई थीं, जिसके बाद दुकान को 5 अक्टूबर 2025 को ही सील बंद कर दिया गया था। लाइसेंस निरस्तीकरण के आदेश की प्रतिलिपि फर्म में चस्पा (चश्मा) करवा दी गई है।
92 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
मिलावटी औषधि “Coldrif Cough Syrup” (बैच नंबर SR-13) के प्रकरण में विशेष जांच दल द्वारा गहन कार्रवाई की जा रही है। Coldrif syrup से संबंधित अब तक कुल 92 नमूने संग्रहित कर ड्रग टेस्टिंग लैबोरेट्री, भोपाल भेजे जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, छिंदवाड़ा स्थित अन्य मेडिकल स्टोरों से भी कफ सिरप के 11 नमूने लिए गए हैं। प्रयोगशाला से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रभावित परिवारों से मुलाकात
जांच दल ने मिलावटी औषधि की रिकवरी की कार्यवाही के साथ-साथ, परासिया, चौरई और सौसर क्षेत्र के प्रभावित बच्चों के 6 परिवारों से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी भी एकत्रित की है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निम्न गुणवत्ता या मिलावटी औषधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 एवं नियम 1945 के अंतर्गत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
