मासूम कुनाल ने जीती जिंदगी की जंग: परिजनों ने की 1 करोड़ के मुआवजे और दोषियों को फांसी की मांग

परासिया/छिंदवाड़ा। जहरीले कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ के कहर के बीच जाटाछापर निवासी 5 वर्षीय कुनाल यदुवंशी ने 115 दिनों तक मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार घर वापसी की है। किडनी फेल होने के कारण नागपुर और एम्स में चले लंबे इलाज के बाद कुनाल जब सोमवार रात घर पहुँचा, तो परिजनों की आँखों में खुशी और गम के मिले-जुले आँसू थे। 27 मासूमों की जान लेने वाली इस त्रासदी में कुनाल उन तीन बच्चों में से एक है जो सुरक्षित लौट पाया है, हालांकि भारी दवाओं के प्रभाव से उसे आँखों और पैरों में अभी भी तकलीफ है।

कुनाल के पिता टिक्कू यदुवंशी ने सरकार के समक्ष कड़ी मांग रखी है। उन्होंने कहा कि “इस लापरवाही ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं, इसलिए सरकार सभी प्रभावित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।” पिता ने बताया कि इलाज में साढ़े आठ लाख रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें से आधी सहायता मिली है और शेष राशि का सरकार ने आश्वासन दिया है।

वहीं, सांसद विवेक बंटी साहू ने कुनाल के स्वस्थ होने पर खुशी जताते हुए कहा कि सरकार बच्चों के इलाज का पूरा खर्च उठा रही है। 115 दिनों के बाद यदुवंशी परिवार के सूने पड़े घर में अब कुनाल की किलकारियां फिर से गूंजने लगी हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए एक राहत भरी खबर है।