महापौर विक्रम अहके और कलेक्टर ने की दीनदयाल रसोई योजना की समीक्षा; गुणवत्ता और पारदर्शिता पर दिया जोर
छिंदवाड़ा जिले में जरूरतमंदों को रियायती दर पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित दीनदयाल रसोई योजना की समीक्षा बैठक सोमवार को आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम के महापौर विक्रम अहके, कलेक्टर हरेंद्र नारायण और नगर निगम आयुक्त सी.पी. राय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले में संचालित स्थायी एवं चलित रसोई इकाइयों के प्रभावी प्रबंधन और व्यवस्थाओं के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान:
बैठक को संबोधित करते हुए महापौर विक्रम अहके ने कहा कि दीनदयाल रसोई योजना शासन की एक अत्यंत मानवीय पहल है, जिसका लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रसोई केंद्रों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और यह सुनिश्चित हो कि परोसे जाने वाले भोजन (रोटी, चावल, दाल और सब्जी) की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो। कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने स्पष्ट किया कि केंद्रों का संचालन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने भोजन वितरण के निर्धारित समय, सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक की पाबंदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शहर में चार केंद्रों से मिल रही सुविधा:
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि वर्तमान में शहर में कुल चार इकाइयां सक्रिय हैं। इनमें अनाज व्यापारी संघ गंज, गुरैया रोड स्थित सब्जी मंडी और जिला अस्पताल परिसर में स्थायी रसोई संचालित हो रही है। इसके अतिरिक्त, एक चलित रसोई (Mobile Kitchen) के माध्यम से शहर के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों में घूम-घूमकर जरूरतमंदों को मात्र 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
