पशु चिकित्सक की लापरवाही से गाय की मौत! चौरई: इलाज के लिए घंटों मिन्नतें करता रहा किसान, डॉक्टर ने नहीं की सुनवाई
चौरई में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की कथित लापरवाही और मनमानी के चलते सरकार की योजनाओं पर पानी फिर रहा है। इसका एक बड़ा उदाहरण चौरई के पशु चिकित्सालय में देखने को मिला, जहाँ इलाज के अभाव में एक गर्भवती गाय की मौत हो गई।
किसान की आपबीती
चौरई नगर के वार्ड नंबर 13 निवासी पशुपालक किसान वसीर खान ने बताया कि उनकी कीमती देशी नस्ल की गाय, जो कुछ ही दिनों में जनने वाली थी, शुक्रवार को अचानक बीमार पड़ गई।
किसान इलाज के लिए शासकीय पशु चिकित्सालय के डॉक्टर आर एस सिंग के पास पहुँचे और अपनी बीमार गाय का इलाज करने के लिए घंटों मिन्नतें करते रहे। लेकिन, चिकित्सक आर एस सिंग ने अपने हेकड़ रवैये के चलते किसान के घर की चंद दूरी पर स्थित गाय को देखना उचित नहीं समझा। इलाज न मिलने के कारण आखिरकार गाय की मौत हो गई, जिससे किसान बहुत विचलित हैं।
डॉक्टर पर गंभीर आरोप
पशु चिकित्सक आर के सिंग पर लंबे समय से लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं:
मुख्यालय से दूरी: डॉ. सिंग लगभग 15 वर्षों से अधिक समय से यहाँ पदस्थ हैं। उनका मुख्यालय चौरई होने के बावजूद, वह छिंदवाड़ा में निवास करते हैं। इस संबंध में किसानों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार शिकायत की है, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
अस्पताल रहता है बंद: विगत दिनों नगर पालिका परिषद के सभापति अर्जुनसिंह रघुवंशी जब अपने पशुओं का इलाज कराने अस्पताल पहुँचे, तो उन्होंने दोपहर 3 बजे ही अस्पताल में ताला लटका पाया। उन्होंने लटके ताले के साथ तस्वीर खींचकर विरोध भी व्यक्त किया था।
