नागपुर में उपचार के दौरान एक और बच्ची ने तोड़ा दम:प्रदेश की 24 वीं मौत:डॉ को चेक कराए बिना ही कोल्ड्रिफ ली थी
छिंदवाड़ा: जहरीले कफ सिरप से एक और मासूम की मौत, प्रदेश में आंकड़ा 24 पहुँचा
छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप पीने के बाद किडनी फेलियर से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में, छिंदवाड़ा के ककई बोहना निवासी 3 साल की अंबिका विश्वकर्मा ने नागपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अंबिका पिछले लगभग एक माह से नागपुर में उपचार चल रहा था। इस दुखद घटना के साथ, केवल छिंदवाड़ा जिले में ही जहरीले सिरप से मरने वाले बच्चों का आंकड़ा बढ़कर 22 हो गया है, जबकि पूरे मध्य प्रदेश में कुल 24 बच्चों की जान जा चुकी है। वर्तमान में, नागपुर में बैतूल और छिंदवाड़ा के एक-एक बच्चे का इलाज अभी भी चल रहा है।
अंबिका विश्वकर्मा के मामले में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। बच्ची के पिता ने पहले बड़े बेटे और छोटी बेटी को डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप दी थी, जिससे उन्हें आराम मिला। लेकिन, बाद में जब अंबिका को सर्दी-खांसी हुई, तो उन्होंने बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के मेडिकल स्टोर से सीधे नए बैच की ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप खरीदकर दी। सिरप पीने के बाद 13 सितंबर को बच्ची की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसे नागपुर में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
राज्य शासन के निर्देश पर, जिला प्रशासन ने 18 मृत बच्चों के परिवारों को पहले ही राहत राशि प्रदान कर दी है, जबकि अन्य मामलों में राहत राशि देने का निर्णय कमेटी के पास लंबित है। उधर, पुलिस ने अंबिका विश्वकर्मा के परिजनों की सहमति से बच्ची का पोस्टमार्टम करवाकर शव सौंप दिया है। अंबिका का अंतिम संस्कार कल उनके पैतृक गाँव पिंडरई के ककई में किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर उजागर करती है कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना कितना घातक हो सकता है।
