डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवा देने वाले मेडिकल स्टोर का लाइसेंस होगा निरस्त

कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में आज छिंदवाड़ा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जन स्वास्थ्य को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया। कलेक्टर नारायन ने औषधि प्रशासन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिले में बिना चिकित्सक की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के दवाइयाँ बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। निर्देश दिया गया कि यदि बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाइयाँ देना पाया जाता है, तो संबंधित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया जाए, ताकि दवाओं के दुरुपयोग और अनियमित बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। कलेक्टर ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में नियमों के उल्लंघन का कोई भी नया प्रकरण सामने न आए।
​बैठक में खाद्य सुरक्षा से संबंधित विषयों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। कलेक्टर नारायन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अधिरोपित जुर्माना राशि की वसूली की स्थिति की गहन समीक्षा करें। उन्होंने विशेष रूप से पिछले पाँच वर्षों के ऐसे प्रकरणों की जानकारी रखने को कहा जिनमें जुर्माना राशि अभी तक जमा नहीं हुई है। कलेक्टर का निर्देश था कि अधिकारी शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करें। इस समीक्षा बैठक में जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने जिले में की गई कार्यवाहियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।