जानलेवा लापरवाही: डॉक्टर ने मुनाफे के लिए जहरीला सिरप देना जारी रखा

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक अत्यंत दुखद मामला सामने आया है, जहाँ परासिया के डॉक्टर प्रवीण सोनी पर दो दर्जन से अधिक बच्चों की मौत का आरोप है, जो श्रीसन फार्मा द्वारा निर्मित जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से हुई। चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि तीन बच्चों की मौत के बाद डॉक्टर सोनी को 16 सितंबर को नागपुर के विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण खापेकर से एक पत्र द्वारा दवाओं में गड़बड़ी की चेतावनी मिल चुकी थी। 27 सितंबर को डॉक्टर ने कंपनी से संपर्क भी साधा, लेकिन कंपनी के डायरेक्टर रंगनाथन गोविंदन ने बिना उचित जांच के दवा को ‘क्लीनचिट’ दे दी। इस जानकारी और संदेह के बावजूद, डॉ. सोनी ने कथित तौर पर पैसों के लालच में दवा का वितरण जारी रखा, जिसके चलते दो दर्जन से अधिक बच्चे मौत के मुंह में समा गए।

डॉक्टर सोनी का यह कृत्य एक गंभीर आपराधिक लापरवाही को दर्शाता है। पुलिस पूछताछ के दौरान यह सामने आया है कि तीन बच्चों की मौत के बाद भी, डॉ. सोनी ने जानबूझकर सात अन्य बच्चों को यही जहरीला सिरप लिखा था। दूसरी ओर, कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मा के डायरेक्टर रंगनाथन गोविंदन को भी कुंडीपुरा पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। ये दोनों ही पक्ष – डॉक्टर और कंपनी के मालिक – कथित तौर पर यह जानते हुए भी कि वे ‘जहर’ बांट रहे हैं, मुनाफे के कारण बच्चों की जान लेने वाली इस दवा का वितरण रोकने में विफल रहे।