जहरीली कफ सिरप 24 बच्चों की मौत मामले: SIT ने की छठवीं गिरफ्तारी, श्रीसन फार्मा का मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव कूकड़ा जगत से अरेस्ट
छिंदवाड़ा में जहरीली ‘कोल्ड्रिफ कफ सिरप’ पीने से 24 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने कार्रवाई जारी रखते हुए श्रीसन फार्मा कंपनी के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) सतीश वर्मा को छिंदवाड़ा से हिरासत में लिया है।
घटनाक्रम और बच्चों की मौत
यह हृदय विदारक घटना 2 सितंबर से 30 सितंबर के बीच सामने आई थी, जब परासिया के डॉक्टर प्रवीण सोनी द्वारा उपचार के दौरान छिंदवाड़ा, पांढुरना और बैतूल के कई बच्चों को ‘कोल्ड्रिफ कफ सिरप’ दी गई थी। सिरप पीने के बाद बच्चों में पेशाब रुकने की गंभीर समस्या सामने आई। हालत बिगड़ने पर उन्हें हायर सेंटर नागपुर रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान एक-एक करके 24 बच्चों की मौत हो गई।
जहरीलेपन का खुलासा और प्रशासनिक कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के बाद प्रशासन हरकत में आया और सिरप पर पाबंदी लगा दी गई। तमिलनाडु सरकार द्वारा की गई टेस्टिंग में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ‘कोल्ड्रिफ कफ सिरप’ में डाई एथिलिन ग्लायकाल की स्वीकृत मात्रा 0.1\% की जगह अत्यधिक जहरीली मात्रा 48.6\% मौजूद थी। इस खुलासे के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन में हड़कंप मच गया, और राज्य के ड्रग कंट्रोलर को पद से हटाया गया। पुलिस अधीक्षक अजय पांडेय ने तुरंत मामले की विस्तृत जांच के लिए एक एसआईटी गठित की।
एसआईटी की अब तक की कार्रवाई
एसआईटी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न धाराओं में फार्मा कंपनी से जुड़े चार प्रमुख आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
डॉक्टर प्रवीण सोनी,परासिया
श्रीसन फार्मा के मालिक श्रीनिवासन रंगनाथन,तमिलनाडु
कंपनी की केमिस्ट के. महेश्वरी,तमिलनाडु
स्टॉकिस्ट राजेश सोनी,छिंदवाड़ा
फार्मासिस्ट सौरभ जैन,परासिया
आज एसआईटी के अधिकारी जितेंद्र सिंह जाट ने लंबी जांच के बाद श्रीसन फार्मा कंपनी में कई वर्षों से कार्यरत एमआर सतीश वर्मा को कूकड़ा जगत छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया और उसे पूछताछ के लिए परासिया ले जाया गया है। इस गिरफ्तारी से साफ है कि पुलिस कंपनी और वितरण शृंखला से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
