छिंदवाड़ा में पारे की रिकॉर्ड गिरावट: 6.2 डिग्री तक लुढ़का न्यूनतम तापमान, पत्तियों पर जमी बर्फ की परत
छिंदवाड़ा: जिले में शीतलहर के चलते बीती रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। शहरी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री रहा, जबकि ग्रामीण अंचलों में पारा गिरकर 4.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। ठंड का असर इतना भीषण था कि सुबह के समय पेड़-पौधों की पत्तियों और खेतों में सिंचाई के पाइपों पर बर्फ की सफेद परत जमी हुई नजर आई। अचानक आई इस गिरावट ने न केवल आम लोगों की दिनचर्या बदल दी है, बल्कि फसलों पर पाला (Frost) गिरने की संभावना भी बढ़ा दी है।
ग्रामीण कृषि वैज्ञानिक डॉ. संत कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री का अंतर देखा जा रहा है। मौसम केंद्र (AMFU) के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री तक लुढ़क गया, जबकि अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में आ रहे इस भारी अंतर के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों को पाले से बचाने के लिए खेतों की मेढ़ों पर धुआं करें और हल्की सिंचाई का प्रबंधन करें।
