छिंदवाड़ा न्यायालय का कड़ा फैसला: हत्या के दोषी को अंतिम सांस तक जेल।
न्यायालय विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट) सुधीर मिश्रा ने हत्या के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी बलराम उर्फ बाली नामदेव को आजीवन कारावास और 1,200 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विवाद के बाद चाकू से किया था हमला
घटना 12 सितंबर 2022 की है। परासिया के ओझा मोहल्ला निवासी फिरोज खान की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी बलराम और मृतक चेतराम के बीच मामूली बात पर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर बलराम ने चेतराम के सिर पर लोहे के कड़े से वार किया और फिर कपड़ों में छिपाकर रखे चाकू से उसके पेट और सीने पर हमला कर दिया। इस हमले में चेतराम की मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस की जांच और न्यायालय का फैसला
पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में मामले की विवेचना अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) परासिया अनिल कुमार शुक्ल द्वारा की गई। विवेचना के दौरान जरूरी साक्ष्य एकत्र कर आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया।
विशेष लोक अभियोजक आरिफ खान द्वारा मामले में मजबूती से पैरवी की गई। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी बलराम (38 वर्ष) को हत्या और SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत दोषी पाया और उम्रकैद की सजा से दंडित किया।
