छिंदवाड़ा नगर निगम का ₹305 करोड़ का बजट मंजूर: कचरा शुल्क आधा करने और विकास कार्यों के लिए सर्वेक्षण का बड़ा निर्णय
महापौर विक्रम सिंह अहके की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में शहर के विकास और जनहित से जुड़े 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। लगभग दो घंटे चली इस उच्च स्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 305 करोड़ 95 लाख रुपये का अनुमानित बजट पेश किया गया। इस बजट की खास बात यह है कि इसमें राजस्व और पूंजीगत आय-व्यय का संतुलन बनाते हुए ₹15,000 का लाभ दर्शाया गया है, जिसे नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धाराओं के अंतर्गत तैयार किया गया है।
बैठक में शहर की बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। मेयर-इन-काउंसिल ने निर्णय लिया है कि छिंदवाड़ा में प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक बाहरी एजेंसी (एक्सटर्नल एजेंसी) से विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। इसी सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य के टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शहर में बस टर्मिनल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और इंटीग्रेटेड टाउनशिप के निर्माण हेतु निजी भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है, जिससे शहर के व्यावसायिक स्वरूप में बड़ा बदलाव आएगा।
आम जनता को बड़ी राहत देते हुए एमआईसी ने वार्षिक कचरा शुल्क को ₹1200 से घटाकर ₹600 करने का प्रस्ताव परिषद में रखने का निर्णय लिया है। साथ ही, विभिन्न वार्डों में सौंदर्यीकरण और नामकरण के प्रस्ताव भी पारित किए गए, जिसमें सिविल लाइन पार्क का नाम “स्मृति साहित्य वाटिका” और कावेरी नगर पार्क का नाम “नमो वाटिका” रखना शामिल है। एमएलबी स्कूल के पास लोकमाता अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा स्थापना और प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 138 पात्र आवेदनों को कलेक्टर की ओर भेजने की भी स्वीकृति दी गई।
निगम प्रशासन ने कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए रिक्त पदों पर रोस्टर प्रणाली के अनुसार पदोन्नति और नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके अलावा, दिव्यांगजनों के लिए “समर्थ” पुनर्वास योजना लागू करने और कई क्षेत्रों में डामरीकरण व सामुदायिक भवन निर्माण को मंजूरी दी गई। इस बैठक में महापौर के साथ एमआईसी सदस्य और निगम के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में शहर के चहुंमुखी विकास के संकल्प को दोहराया।
