गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की बड़ी कार्रवाई: अनुशासनहीनता पर पूर्व जिलाध्यक्ष सहित 4 नेता निष्कासित, पूर्व विधायक को नोटिस
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) की मध्य प्रदेश इकाई ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कई बड़े पदाधिकारियों पर गाज गिराई है। मण्डला में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, छिंदवाड़ा और सिवनी जिले के चार प्रमुख नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है, जबकि पूर्व विधायक सहित दो अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इन पर हुई कड़ी कार्रवाई:
पार्टी ने जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निम्नलिखित पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है:
देवीराम उर्फ देवरावन भलावी (पूर्व जिला अध्यक्ष, छिंदवाड़ा): पार्टी विरोधी कार्य करने और पृथक संगठन बनाने की धमकी देने पर आजीवन निष्कासित।
प्रवीण पुर्वे (युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष, छिंदवाड़ा): सोशल मीडिया पर पार्टी की छवि धूमिल करने के आरोप में 6 वर्ष के लिए निष्कासित।
संदीप इनवाती (किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष, छिंदवाड़ा): भ्रामक प्रचार करने पर तत्काल प्रभाव से 6 वर्ष के लिए निष्कासित।
रावेनशाह उइके (छपारा, जिला सिवनी): कूटनीतिक षड्यंत्र और पार्टी को कमजोर करने के आरोप में 6 वर्ष के लिए निष्कासित। 
पूर्व विधायक और प्रदेश पदाधिकारी को नोटिस:
पार्टी ने पूर्व विधायक रामगुलाम उइके (सिवनी) और प्रदेश पदाधिकारी एड. महेश वट्टी (लखनादौन) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन नेताओं को 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब देना होगा, अन्यथा उन पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विवाद की जड़:
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 02 मार्च को छपारा/बजारी में कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम और केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक, यूट्यूब और व्हाट्सएप) पर अपमानजनक टिप्पणियां और वीडियो प्रसारित किए गए थे, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा।
इसके साथ ही, पार्टी ने शक्ति सिंह सिसौदिया (सिवनी) की 26 फरवरी को हुई नियुक्ति को भी निरस्त कर दिया है।
“पार्टी अनुशासन से ऊपर कोई नहीं है। संगठन विरोधी गतिविधियों और नेतृत्व पर की गई अभद्र टिप्पणियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” > — निर्मल कुमार मरावी, प्रदेश कार्यालय सचिव, GGP
