कलेक्टर की नाराजगी के बाद एक्शन: जिला अस्पताल में मरीजों को छोड़ने वाले वाहनों से नहीं लिया जाएगा पार्किंग शुल्क

जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में वाहन पार्किंग के नाम पर हो रही अवैध वसूली की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। हाल ही में दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर “अब सवारी छोड़ने गए तो भी लगेगा शुल्क” पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

माननीय कलेक्टर के निर्देशों के पालन में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार दुबे ने संबंधित वाहन पार्किंग ठेकेदार को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया है। जारी निर्देश के अनुसार, यदि कोई ऑटो या अन्य वाहन चालक मरीज को अस्पताल छोड़ने आता है और छोड़कर तुरंत बाहर चला जाता है, तो उससे किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। पार्किंग शुल्क केवल उन्हीं वाहनों से लिया जाएगा जो पार्किंग स्थल पर खड़े (पार्क) किए जाते हैं।

दुरुपयोग और दुर्व्यवहार पर होगा सख्त एक्शन

सिविल सर्जन ने ठेकेदार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि पार्किंग कर्मचारी किसी भी व्यक्ति या चालक के साथ अभद्र व्यवहार न करें। यदि अवैध वसूली या दुर्व्यवहार की शिकायत प्राप्त होती है, तो अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी और अनुबंध समाप्त करने हेतु उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन ने यह कदम मरीजों और उनके परिजनों को हो रही असुविधा को दूर करने के लिए उठाया है ताकि आपातकालीन स्थिति में आने वाले वाहनों को अनावश्यक शुल्क और विवाद से बचाया जा सके।