अस्पताल और स्कूल के पास शराब का डेरा, चंदनगांव वासियों का सब्र टूटा; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
चंदनगांव क्षेत्र के नागपुर रोड मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान अब स्थानीय रहवासियों के लिए नासूर बन चुकी है। आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और असामाजिक तत्वों के बढ़ते जमावड़े से आक्रोशित चंदनगांव के सैकड़ों रहवासियों ने गुरुवार (26 फरवरी) को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। नागरिकों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि आगामी आबकारी टेंडर 2026 में इस दुकान को रहवासी क्षेत्र से तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
हादसों में जा चुकी है दर्जन भर जान
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि शराब दुकान मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण नशे की हालत में वाहन चलाने वालों की संख्या बढ़ गई है। दुकान के पास अब तक दर्जन भर से अधिक लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे कई परिवार उजड़ गए हैं। घनी बस्ती के बीच शराब की दुकान होने से क्षेत्र में हमेशा डर और असुरक्षा का माहौल बना रहता है।
महिलाओं और छात्राओं का निकलना दूभर
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि दुकान के आसपास दिन-रात शराबियों और असामाजिक तत्वों का डेरा रहता है। नशे में धुत लोग राह चलती महिलाओं और स्कूल जाने वाली छात्राओं के साथ अभद्रता और गाली-गलौज करते हैं। पास में स्थित अस्पताल के मरीजों और स्कूल के बच्चों को भी इस शोर-शराबे और हुड़दंग से भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
रहवासियों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) और आबकारी विभाग को भी शिकायत दर्ज कराई है। यदि प्रशासन आगामी सत्र में इस दुकान को स्थानांतरित नहीं करता है, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान चंदनगांव के जागरूक नागरिक, युवा और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।
