लालू बोले- लोग पेट की मार सह लेते हैं लेकिन पीठ की मार का जवाब देते हैं

पटना 
आरजेडी प्रमुख लालू यादव चारा घोटाला मामले में सजा मिलने के बाद रांची के होटवार जेल में बंद हैं, लेकिन लोगों के बीच खुद के होने का अहसास करवाने का वे कोई मौका नहीं चूक रहे. लालू यादव ने काफी दिनों के बाद अपनी भावना का इजहार अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए किया है. एक फिर फिर उनके निशाने पर सीएम नीतीश कुमार हैं और इसके लिए उन्होंने बाबू जगजीवन राम का सहारा लिया है.

लालू यादव ने जगजीवन राम का नाम लेते हुए कहा कि लोग पेट की मार तो सह लेते हैं, लेकिन पीठ की मार का जवाब देते हैं.

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में उन्होंने लिखा, नीतीश भूल गए कि बाबू जगजीवन राम ने कहा था, 'लोग पेट की मार तो सह सकते है लेकिन पीठ की मार का जवाब देते हैं' तुमने जनता की पीठ में जो छुरा घोंपा उसका जनता मज़ा चखायेगी.'

14 अप्रैल के बाद लालू यादव का यह पहला ट्वीट है, लेकिन उनके इस ट्वीट से साफ है कि नीतीश कुमार के महागठबंधन का साथ छोड़ने और एनडीए में शामिल होने के वाकये को भूल नहीं पाए हैं.

जाहिर है वे यह भी कोशिश कर रहे हैं कि 12 मई को होने वाले छठे चरण के चुनाव में इस प्रकरण को लोगों को याद दिलाई जाए ताकि इसका राजनीतिक लाभ लिया जा सके.

बता दें कि लालू प्रसाद यादव भी अब समय-समय पर ट्विटर के जरिए सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते हैं. जेल में रहते हुए भी उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से की गई टिप्पणियों ने सुर्खियां बटोरीं हैं.

जेल जाने से पहले दिसंबर 2017 में उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर साफ लिख भी दिया है कि उनका अकाउंट उनका ऑफिस देखेगा.

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