जांच एजेंसियों को मिले माल्या और तलवार के लिंक के ‘सबूत’, बिहार में शराब बैन रुकवाने की कोशिश

 नई दिल्ली
जांच एजेंसियों ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या और लॉबिंग करने वाले दीपक तलवार के करीबी संबंध होने का दावा किया है। सूत्रों ने बताया कि इन दोनों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को जो संदेश भेजे थे, वे जांच एजेंसियों के हाथ लग गए हैं और इनसे इनका रिश्ता साबित हो रहा है। एक सूत्र ने बताया कि तलवार ने माल्या के लिए 'लॉबिंग' की थी और ये दोनों 'एक-दूसरे के बेहद करीब थे।' तलवार को करप्शन के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। 
 
सूत्रों ने बताया कि इन संदेशों से पता चलता है कि बिहार सरकार को मनाने की कोशिश की गई थी कि वह शराब पर प्रतिबंध न लगाए और किंगफिशर लोन स्कैंडल की सीबीआई जांच के दायरे में एयरबस को भी शामिल किए जा सकने पर चिंता जताई गई थी। इनमें 2016 में माल्या के लंदन चले जलाने के बाद मीडिया को जारी एक बयान का जिक्र भी है। सूत्रों ने बताया कि माल्या और तलवार के अलावा उनके सहयोगियों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान ईमेल और एसएमएस के जरिए हुआ। 

शराब बैन नहीं चाहता था माल्या 
बिहार में शराब पर बैन के बारे में संदेशों के आदान-प्रदान में यूनाइटेड स्पिरिट्स और तलवार की कंपनी दीपक तलवार एसोसिएट्स के अधिकारी भी शामिल थे। यूएसएल पर तब माल्या का कंट्रोल था। ये संदेश सीबीआई और इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने जुटाए और उन्हें कोर्ट में पेश किया ताकि यह साबित किया जा सके कि माल्या के लिए तलवार ने लॉबिंग की थी। 

तलवार के एक सहयोगी ने 4 दिसंबर 2015 को एक ईमेल के जरिए यूनाइटेड स्पिरिट्स से पूछा था कि शराब पर 'प्रस्तावित प्रतिबंध की ह्यूमन कॉस्ट' क्या होगी। इस ईमेल का टाइटल था 'प्रेजेंटेशन फॉर इंटरैक्शन विद बिहार गवर्नमेंट।' इसके बाद की ईमेल्स में राज्य के मुख्यमंत्री और चीफ सेक्रेटरी से मीटिंग्स कराने की योजना की चर्चा थी ताकि प्रतिबंध नहीं लगाने के लिए उन्हें मनाया जा सके। 

हालांकि बिहार में प्रतिबंध लगा दिया गया था। 22 मार्च 2016 को माल्या ने एक एसएमएस भेजा था, 'डीटी, एयरबस से नेट स्टेटमेंट अकाउंट की सख्त जरूरत है।' एजेंसियों का मानना है कि डीटी दीपक तलवार को कहा गया था। इसके बाद दोनों के बीच ईमेल्स में किंगफिशर बैंक लोन केस में एयरबस और आईडीबीआई को शामिल किए जा सकने की चर्चा की गई थी। 

विदेशी एयरलाइंस को फायदा पहुंचाने के लिए रिश्वत 
एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ने आरोप लगाया है कि इस साल दुबई से प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाए गए तलवार को 272 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली थी। ईडी का आरोप है कि 2008-09 में एयर इंडिया के बजाय विदेशी एयरलाइंस को कथित तौर पर फायदे वाले एयर ट्रैफिक राइट्स दिलाने में मध्यस्थता करने के बदले तलवार को यह रकम मिली। फरवरी में ईडी ने कोर्ट को मौखिक तौर पर बताया था कि तलवार और माल्या के बीच कनेक्शन था। 

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