कुछ MF स्कीम में अब आप सिर्फ 100 रुपये का भी कर सकते हैं निवेश

 मुंबई 
कई म्यूचुअल फंडों ने अपनी स्कीम में एकमुश्त निवेश की न्यूनतम रकम घटाकर 100 रुपये कर दी है। उन्हें लग रहा है कि इससे अधिक निवेशक स्कीम की तरफ आकर्षित होंगे। पहले ज्यादातर एमएफ स्कीम में न्यूनतम एकमुश्त रकम 500-5,000 रुपये के बीच थी। हालांकि, पेटीएम मनी, पॉलिसीबाजार और ग्रो सहित दूसरे ऑनलाइन प्लैटफॉर्म के जरिये निवेशकों के कम रकम लगाने के ट्रेंड को देखते हुए एमएफ ने यह पहल की है।  
 
इनमें 100 रु. से निवेश की शुरुआत 
ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सनलाइफ म्यूचुअल फंड, आईडीएफसी म्यूचुअल फंड, DHFL प्रमेरिका म्यूचुअल फंड, रिलायंस म्यूचुअल फंड, क्वांट म्यूचुअल फंड और यूटीआई एमएफ ने अपनी कुछ डेट और इक्विटी स्कीम्स में निवेशकों को 100 रुपये तक के निवेश की सुविधा दी है। आदित्य बिड़ला सनलाइफ के सीईओ ए बालासुब्रमण्यन ने बताया, 'हमने निवेश की न्यूनतम रकम को घटाकर 100 रुपये कर दिया है ताकि कम आय वर्ग के लोग भी आसानी से बचत कर सकें।' 

नए निवेशकों पर नजर 
एमएफ इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2018-19 में हर महीने औसतन 9.45 लाख एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) अकाउंट्स जोड़े हैं। इनमें ऐवरिज एसआईपी साइज 3,150 रुपये का है। यह जानकारी म्यूचुअल फंडों की संस्था एम्फी से मिली है। निवेश की न्यूनतम रकम को घटाकर 100 रुपये किए जाने से ऐसे अकाउंट्स की संख्या आने वाले वक्त में बढ़ सकती है। न्यूनतम निवेश की रकम कम करने से म्यूचुअल फंडों और ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स को नए निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। 

बढ़ रही स्मार्ट इन्वेस्टर्स की तादाद 
अब तक ज्यादातर लोग डिस्ट्रीब्यूटरों या ब्रोकरों के जरिये म्यूचुअल फंड में पैसे लगाते रहे हैं। स्मार्ट इन्वेस्टर्स ने अब इनमें सीधे निवेश शुरू कर दिया है। कम वॉल्यूम की वजह से म्यूचुअल फंड पहले निवेश की न्यूनतम रकम में कटौती करने से कतरा रहे थे, लेकिन पेटीएम मनी जैसे नए जमाने के डिस्ट्रीब्यूटरों के जरिये कम रकम के निवेश तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए फंड हाउसों को इस सेगमेंट के बारे में सोचने को मजबूर होना पड़ा है। 

गोल्ड, एफडी को टक्कर देने की कवायद 
पेटीएम मनी के होलटाइम डायरेक्टर प्रवीण जाधव ने बताया, 'हमारे 65 पर्सेंट से अधिक निवेशक पहली बार फाइनैंशल सेविंग्स मार्केट से जुड़ रहे हैं। हमने देखा है कि कई निवेशक 100 रुपये के एसआईपी से शुरुआत कर रहे हैं और जब उन्हें समझ में आ जाता है कि म्यूचुअल फंड किस तरह से काम करते हैं तो कुछ दिनों बाद वे और एसआईपी बढ़ाते हैं।' उन्होंने कहा कि अगर निवेश की न्यूनतम रकम कम हो तो गोल्ड और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) जैसे प्रॉडक्ट्स से मुकाबले में भी मदद मिलती है, जहां निवेशक क्रमश: 1 से 100 रुपये तक से शुरुआत कर सकते हैं। 

बढ़ रहे हैं कम रकम के निवेश 
रिलायंस निपॉन एएमसी के डेप्युटी सीईओ हिमांशु व्यापक ने कहा, 'छोटे शहरों के निवेश पहले कम रकम के साथ प्रॉडक्ट को परखना चाहते हैं। जब वे एक बार उसे लेकर सहज हो जाते हैं तो बड़ी रकम लगाने लगते हैं।' आईडीएफसी म्यूचुअल फंड के सीईओ विशाल कपूर ने बताया कि नए निवेशक इंडेक्स, आर्बिट्राज, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म, कैश फंड और लो ड्यूरेशन स्कीम में कम रकम के निवेश कर रहे हैं। 

सभी MFs के लिए फायदेमंद नहीं छोटे निवेशक 
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि लो टिकट साइज मॉडल सभी डिस्ट्रीब्यूटरों और म्यूचुअल फंडों के लिए मुनासिब नहीं है। एक डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड हाउस के सेल्स हेड ने बताया, 'कम रकम के निवेश से न तो ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी और न ही डिस्ट्रीब्यूटर को लाभ होता है। ऑनलाइन पोर्टल नए ग्राहक हासिल करने के लिए इस तरह के ऑप्शन दे रहे हैं। वे उन्हें दूसरे प्रॉडक्ट्स बेचकर पैसा बनाना चाहते हैं।' 
 

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